आज का पंचांग
आपके स्थान के लिए तिथि, नक्षत्र, राहुकाल, चौघड़िया और दैनिक समय।
Delhi, India
गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026
Asia/Kolkata · 24 घंटे का स्थानीय समय; +1 दिन का अर्थ अगला दिन है
सूर्योदय
06:17
सूर्यास्त
17:59
चंद्रोदय
03:49
चंद्रास्त
16:32
पंचांग के पाँच अंग
सूर्योदय के समय के अंग और अगले सूर्योदय तक उनके परिवर्तन। “तक” वास्तविक समाप्ति समय दर्शाता है, चाहे वह अगले पंचांग दिन में हो।
वार
गुरुवार
तिथि
त्रयोदशी · कृष्ण पक्ष(सूर्योदय पर)
तक 22:16
चतुर्दशी · कृष्ण पक्ष
तक 21:36 (+1 दिन)
नक्षत्र
पूर्वाफाल्गुनी(सूर्योदय पर)
तक 21:20
उत्तराफाल्गुनी
तक 21:19 (+1 दिन)
योग
शुक्ल(सूर्योदय पर)
तक 00:57 (+1 दिन)
ब्रह्म
तक 23:20 (+1 दिन)
करण
गर(सूर्योदय पर)
तक 10:44
वणिज
तक 22:16
विष्टि (भद्रा)
तक 09:53 (+1 दिन)
दैनिक समय
- राहुकाल
- 13:36 – 15:03
- यमगण्ड
- 06:17 – 07:45
- गुलिक काल
- 09:13 – 10:40
- अभिजीत मुहूर्त
- 11:45 – 12:31
- ब्रह्म मुहूर्त
- 04:39 – 05:28
- अगला सूर्योदय
- 06:18 (+1 दिन)
नए कार्यों के आरंभ में परंपरागत रूप से राहुकाल, यमगण्ड और गुलिक से बचते हैं। केवल अभिजीत समय किसी संस्कार की उपयुक्तता तय नहीं करता।
चौघड़िया
दिन और रात के आठ-आठ समान भाग। राहुकाल अलग से देखें; शुभ चौघड़िया भी उससे मिल सकता है।
दिन · सूर्योदय से सूर्यास्त
- शुभशुभ06:17 – 07:45
- रोगनए कार्य से बचें07:45 – 09:13
- उद्वेगनए कार्य से बचें09:13 – 10:40
- चरयात्रा हेतु उपयुक्त10:40 – 12:08
- लाभशुभ12:08 – 13:36
- अमृतशुभराहुकाल से आंशिक या पूर्ण मेल13:36 – 15:03
- कालनए कार्य से बचें15:03 – 16:31
- शुभशुभ16:31 – 17:59
रात · सूर्यास्त से अगले सूर्योदय
- अमृतशुभ17:59 – 19:31
- चरयात्रा हेतु उपयुक्त19:31 – 21:03
- रोगनए कार्य से बचें21:03 – 22:36
- कालनए कार्य से बचें22:36 – 00:08 (+1 दिन)
- लाभशुभ00:08 (+1 दिन) – 01:41 (+1 दिन)
- उद्वेगनए कार्य से बचें01:41 (+1 दिन) – 03:13 (+1 दिन)
- शुभशुभ03:13 (+1 दिन) – 04:45 (+1 दिन)
- अमृतशुभ04:45 (+1 दिन) – 06:18 (+1 दिन)
महत्वपूर्ण संस्कार की योजना बना रहे हैं?
ये पारंपरिक दैनिक समय हैं, व्यक्तिगत मुहूर्त नहीं। विवाह, गृह प्रवेश या अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के लिए पंडित जी से परामर्श करें।
गणना: Astronomy Engine, लाहिड़ी अयनांश और समुद्र तल की ऊँचाई। पंचांग परंपरा और वायुमंडलीय परिस्थितियों से विभिन्न स्रोतों में थोड़ा अंतर हो सकता है। चंद्रोदय/चंद्रास्त चयनित दिनांक के हैं। ब्रह्म मुहूर्त: पिछली रात के 15 समान भागों में सूर्योदय से पहले का दूसरा अंतिम भाग। चौघड़िया में अतिरिक्त वार वेला, काल वेला और काल रात्रि के प्रतिबंध शामिल नहीं हैं; विशेष आयोजन के लिए पंडित जी से परामर्श करें।
आज का पंचांग कैसे पढ़ें
किस शहर का पंचांग चुनें?
जिस शहर में आप दिन या पूजा का पालन करेंगे, उसी का पंचांग चुनें। सूर्योदय, सूर्यास्त और समय स्थान पर निर्भर हैं। शुरुआत में उज्जैन दिखता है; अन्य शहर खोज सकते हैं।
क्या तिथि और कैलेंडर की तारीख एक हैं?
नहीं। तिथि सूर्य और चंद्रमा के कोणीय अंतर पर आधारित है और दिन के बीच में भी बदल सकती है। सूर्योदय की तिथि के साथ उसकी समाप्ति का समय भी देखें।
क्या इससे किसी संस्कार का पूर्ण मुहूर्त तय होता है?
दैनिक पंचांग समय की जानकारी देता है। संस्कार का मुहूर्त चुनने में कार्य का उद्देश्य, जन्म विवरण और परंपरा भी देखी जा सकती है। इन बातों पर पंडित जी से परामर्श करें।